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जब ‘थलपति’ विजय ने तमिलनाडु चुनाव में उतरने की घोषणा की, तो कई लोगों ने इसे राज्य में फिल्म सितारों द्वारा अपने प्रशंसकों के दम पर राजनीति में पैठ बनाने की कोशिश की प्रवृत्ति में एक…
कोलकाता के भाबनीपुर विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनाव का माहौल छा गया जब 12वें चरण के बाद मतगणना परिणामों की घोषणा में लंबे समय तक रहस्यमय ढंग से विराम लगा रहा। भारतीय चुनाव…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बढ़त पर मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार को भावुक हो गए और मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें अपने आंसू पोंछते देखा गया। उन्होंने…
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर हुआ है। भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया…
जब 29 अप्रैल को एक चुनाव विश्लेषक ने कहा कि तमिलनाडु में टीवीके 98 से 120 सीटें जीत सकती है,…
पश्चिम बंगाल के रोमांचक चुनाव में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता…
राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब में अपने खिलाफ दो एफआईआर दर्ज होने की खबरों के बाद सरकारी तंत्र के…
ANIविधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में भाजपा पश्चिम बंगाल और असम में बड़ी बढ़त बनाए हुए है, जिसके बाद प्रधानमंत्री…
पुडुचेरी चुनाव परिणामों में एनडीए की बढ़त से मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी शुरुआती जीत के बाद मजबूत स्थिति में हैं। रंगास्वामी…
पश्चिम बंगाल के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता…
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की शुरुआती बढ़त को देखते हुए, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा…
तमिलगा वेत्त्री कज़गम (टीवीके) के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि वे अपने दम पर सरकार बनाएंगे। शुरुआती रुझानों में…
ANIदेबनाथ ने पत्रकारों से कहा कि ममता बनर्जी और उनके भ्रष्ट पार्टी नेता मेरी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार…
ANIडॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों और जीवित बचे लोगों से उनके घरों पर जाकर मुलाकात की, शोक संवेदना व्यक्त…
ANIविरोध प्रदर्शनों और सड़क अवरोधों के बीच, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले में आरोपियों के लिए मृत्युदंड…
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल्स के अनुमानों ने राज्य की राजनीति को अत्यंत रोचक बना दिया है। विभिन्न सर्वेक्षणों में यह संकेत मिल…
स्पेनिश फुटबॉल लीग में खिताबी मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। रियल मैड्रिड ने एस्पान्योल को…
भारत की उम्मीदों को थॉमस कप में बड़ा झटका लगा है। सेमीफाइनल मुकाबले में फ्रांस ने भारत…
टेनिस जगत में इस समय इटली के युवा खिलाड़ी यानिक सिनर का नाम लगातार सुर्खियों में बना…
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कथित तौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिलाड़ियों के मैदान से…
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के जैकब बेथेल का आत्मविश्वास और कद लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल फ्रेंचाइजी के…
आईपीएल के इस सत्र में चेन्नई सुपर किंग्स की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही…
तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चल रही मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेट्री कझगम (TVK), अपने पहले ही चुनाव में राज्य के दोनों बड़े द्रविड़ दलों (DMK और AIADMK) को कड़ी टक्कर देते हुए निर्णायक बढ़त बनाए हुए है।चुनावी धमाका: सीएम स्टालिन पीछे, विजय आगेताजा रुझानों के मुताबिक, ‘थलपति’ विजय न केवल अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं, बल्कि उनकी पार्टी 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में उभर रही है। सबसे बड़ा उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिल रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन टीवीके (TVK) उम्मीदवार से पीछे चल रहे हैं।इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर छाया नया AI Trend, ChatGPT से बनाएं अपनी क्रेयॉन-स्टाइल Profile Picसितारों का सैलाब: टाइगर श्रॉफ से लेकर काजल अग्रवाल तकविजय की इस…
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस ट्रेंड को पूरा करने के…
हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में देर रात एक भीषण अग्निकांड ने 9 लोगों की…
गर्मियों में बुरा हाल सिर्फ हम सबका ही नहीं, बल्कि गाड़ियों पर इसका असर देखने को मिलता है। जब पारा…
Washington DC: Free-living amoebae are emerging as a global health concern, fueled by warming temperatures and outdated water systems. While…
New Delhi: The Union Health Ministry on Sunday released a guidance document providing a framework for screening, diagnosis, treatment and…
Diabetes: बच्चों में बढ़ रहा Diabetes का खतरा, ये 5 Lifestyle Changes हैं जेनेटिक रिस्क का असली तोड़
डायबिटीज एक वैश्विक समस्या के रूप में उभर रहा है। लगभर हर दूसरे घर में डायबिटीज का कोई न कोई…
New Delhi: Addressing a long-standing demand of the private healthcare sector, the Centre has relaxed height restriction for hospitals, clearing…
New Delhi: The Centre has expanded the scope of the Rashtriya Bal Swasthya Karyakram (RBSK) to include screening for mental…
New Delhi: Asthma patients on long-term inhalers who undergo spine surgery may face a higher risk of repeat operations, a…
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल 2026 की सुबह 8 बजे खुल चुके हैं। वहीं साल 2026 की…
15 मिनट पहलेकॉपी लिंक3 मई को हुई NEET UG परीक्षा के एग्जाम सेंटर वीडियोज इस साल भी वायरल हैं। अलग-अलग राज्यों में छात्र छात्राओं की सख्ती से चेकिंग के वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो चर्चा का विषय बने हैं।बुर्का पहनकर सेंटर पहुंची छात्रापहला वीडियो राजस्थान के बाड़मेर जिले का है, जिसमें बुर्का पहने एक NEET एस्पिरेंट को बस चेहरा आडेंटिफाई करके एग्जाम सेंटर में एंट्री मिल गई।इस वीडियो पर कईयों का कहना है कि इतनी सख्त चेकिंग के बीच किसी को बुर्का पहनकर एग्जाम सेंटर में घुसने की इजाजत कैसे…
विदेश में खरीदारी को लेकर भारतीय उपभोक्ताओं के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। मौजूद जानकारी के…
टाटा समूह के अंदरूनी मामलों में एक नई हलचल देखने को मिल रही है जहां शीर्ष प्रबंधन और ट्रस्ट के…
एशियाई शेयर बाजारों में सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई है और निवेशक वैश्विक हालात पर करीबी नजर बनाए…
संभलकर चल रहा शेयर बाजार इस समय एक सीमित दायरे में फंसा हुआ नजर आ रहा है और निवेशकों की…
भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक, गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप (GIG) ने अपनी भविष्य की रणनीतियों…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
Supporting Student Journalist.
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