TRENDING NEWS
लंदन से आई एक बड़ी खबर ने ब्रिटेन के शाही परिवार को मुश्किल हालात में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू को सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित उनके घर से हिरासत…
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा को शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने कथित 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन ‘पोंजी’ घोटाले के मामले में जमानत दे दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन…
बांग्लादेश में नई सरकार का गठन होते ही धीरे-धीरे हालात बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीएम बनते ही तारिक रहमान भारत को लेकर जिस तरह की दिलचस्पी दिखा रहे हैं और भारत भी जिस तरह…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस…
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए गंभीर कार्रवाई का…
पारंपरिक विवाह रीति-रिवाजों की रक्षा करने और फर्जी पहचान और प्रेम जिहाद से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के प्रयास…
कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती की शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। लेकिन मस्जिद के सामने से गुजरते ही…
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की देखरेख के लिए सेवारत या पूर्व…
भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन किया,…
उत्तराखंड के पहाड़ी कस्बे जोशीमठ में उस समय तनाव बढ़ गया जब मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कथित तौर पर…
भिवंडी निज़ामपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा, जब उसके बागी नेता नारायण चौधरी कांग्रेस और अन्य…
असम में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बराक घाटी के विकास के लिए बड़ी…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विश्वास जताते हुए कहा कि डीएमके सरकार…
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने आज एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में शर्टलेस…
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यूपी…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
साल 2022 में बेलफास्ट में जब जोनाथन ट्रॉट ने अफगानिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के…
टी20 विश्व कप में टीम इंडिया ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन असली परीक्षा अभी…
यूरोपीय क्लब फुटबॉल में नस्लवाद का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। चैंपियंस लीग…
फॉर्मूला 1 में 2026 से लागू होने वाले नए तकनीकी नियमों को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन…
ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग के मुकाबलों के लिए गई टीम को जिन मुश्किलों का सामना करना…
पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर राष्ट्रीय महासंघ (पीएचएफ)…
कन्नड़ सिनेमा के ‘रॉकिंग स्टार’ यश एक बार फिर बड़े पर्दे पर तबाही मचाने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ (Toxic: A Fairytale for Grown-Ups) का दमदार टीज़र आज, 20 फरवरी 2026 को जारी कर दिया गया है। साल 2022 में आई ‘KGF 2’ की ऐतिहासिक सफलता के चार साल बाद, यश इस फिल्म के साथ अपनी खौफनाक वापसी कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bobby Deol का ‘Bandar’ अवतार! Anurag Kashyap की फिल्म का फर्स्ट लुक जारी, इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक यश की आने वाली फ़िल्म, टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फ़ॉर ग्रोन-अप्स का टीज़र अब आ गया है। कन्नड़ सुपरस्टार ने ज़बरदस्त एक्शन किया है, जिसमें वह एक डरावने अवतार में मारते, मारते और मुक्के मारते हैं। टॉक्सिक से यश 2022 में KGF 2 के चार साल बाद फ़िल्मों में वापसी कर रहे हैं।यश का टॉक्सिक का टीज़र अब आ गया हैटॉक्सिक का टीज़र…
अगर आपका बजट 20,000 रुपये तक है और आप अपने लिए या परिवार के किसी सदस्य के लिए नया 5G…
मेटा स्वामित्व WhatsApp अपने यूजर्स के लिए नए-नए फीचर्स लेकर आता है। इस बार WhatsApp ने ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर…
भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भी इस…
New Delhi: The recent controversy involving Galgotias University, which was barred from participating in the India AI Impact Summit expo…
खाने को गर्म रखने के लिए हमारी मम्मी स्कूल और ऑफिस के लिए लंच पैक करती है, तो एल्युमिनियम फॉइल…
सर्दियों के मौसम में सुबह रजाई से बाहर निकलना सबसे मुश्किल काम लगता है। ऐसे में जिम जाना या फिर…
Prayagraj: Kamala Nehru Memorial Hospital in collaboration with Lenek Technologies Private Limited, a start-up initiative of the Indian Institute of…
New Delhi: India as a global innovation engine and the AI solutions built for healthcare have the potential to reform…
Bengaluru: Johnson & Johnson is preparing a potential sale of its orthopedics unit, in a deal that could top $20 …
क्या आप भी पुरी जगन्नाथ जाने का प्लान बना रहे हैं? तो आपको बता दें कि, भारतीय रेलवे…
Hindi NewsCareerHPCL Recruitment 2026: 608 Engineer Posts, Merit Basis Selection18 मिनट पहलेकॉपी लिंकहिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) में अप्रेंटिस के 608 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट hindustanpetroleum.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।जिन उम्मीदवारों ने पहले ही अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग ले रखी है या जिनके पास एक साल या इससे ज्यादा का अनुभव है, वे आवेदन नहीं कर सकते हैं।स्टेट वाइस वैकेंसी डिटेल्स :स्टेट का नामपदों की संख्याआंध्र प्रदेश62असम8बिहार11चंडीगढ़8छत्तीसगढ8दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (यूटी)1दिल्ली16गोवा5गुजरात29हरयाणा16हिमाचल प्रदेश3जम्मू और कश्मीर8झारखंड11कर्नाटक44केरल15लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश)1मध्य प्रदेश22महाराष्ट्र114ओडिशा22पंजाब23राजस्थान39तमिलनाडु35तेलंगाना22उतार प्रदेश।40उत्तराखंड8पश्चिम बंगाल37कुल608एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक की डिग्री।एज लिमिट…
नई दिल्ली में हुए भारत एआई शिखर सम्मेलन के दौरान एक छोटा सा पल अचानक दुनियाभर में चर्चा…
अदाणी समूह के कार्यकारी निदेशक जीत अदाणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को आयात पर निर्भर रहने के बजाय…
कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में इसी साल से दुर्लभ पृथ्वी स्थायी…
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस अपने कार्यकारी अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को तीसरी बार जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में…
शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में अचानक तेजी देखने को मिली। सिगरेट बनाने वाली प्रमुख कंपनियों आईटीसी लिमिटेड,…
भारत में म्यूचुअल फंड को मुख्य रूप से स्ट्रक्चर, एसेट क्लास, इन्वेस्टमेंट के मकसद और रिस्क प्रोफ़ाइल के आधार पर बांटा जाता है। ये कैटेगरी इन्वेस्टर को ऐसी स्कीम चुनने में मदद करती हैं जो उनके फाइनेंशियल लक्ष्यों, लिक्विडिटी की ज़रूरतों और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से हों। मुख्य तरह के फंड में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और मनी मार्केट फंड शामिल हैं।म्यूचुअल फंड भारत के सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में से एक बन गए हैं, जो डाइवर्सिफिकेशन, प्रोफेशनल फंड मैनेजमेंट और कई तरह के एसेट क्लास तक आसान एक्सेस देते हैं। चाहे आप पहली बार इन्वेस्टर हों या लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो बना रहे हों, अलग-अलग तरह के म्यूचुअल फंड को समझने से आपको क्लैरिटी और कॉन्फिडेंस के साथ इन्वेस्ट करने में मदद मिलती है।म्यूचुअल फंड क्या होता है?म्यूचुअल फंड एक इन्वेस्टमेंट का तरीका है जो कई इन्वेस्टर्स से पैसा इकट्ठा करके स्टॉक्स, बॉन्ड्स और दूसरी सिक्योरिटीज़ के अलग-अलग तरह…
चिरंजीवी सदन ‘राज्यसभा’ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए वर्ष 2026 में विभिन्न चरणों में खाली होने वाली कुल 71-75 सीटें के लिए चुनाव होंगे, जो पूरे वर्ष अप्रैल और नवंबर में भरी जाएंगी। लिहाजा, इन चुनावों के राजनीतिक मायने गहन व अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव जहां एनडीए की बहुमत मजबूती बढ़ा सकते हैं, वहीं विपक्ष को भी कमजोर कर सकते हैं। इससे भाजपा व उसके साथियों का चुनावी हौसला बढ़ेगा।जहां तक इनकी प्रमुख तारीखों की बात है तो चुनाव आयोग ने पहले चरण में 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव घोषित किए हैं। जिसके लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होगी, नामांकन 5 मार्च तक, और मतदान-मतगणना 16 मार्च 2026 को। जबकि बाकी सीटें नवंबर में भरी जाएंगी, जिसमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें सबसे महत्वपूर्ण हैं। इन दस चुनावी राज्यों में से 6 राज्यों में एनडीए की सरकार है, जबकि 4 राज्यों में इंडी गठबंधन के घटक…
दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश देने वाला जनतांत्रिक भारत आज जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वाली ‘ब्रितानी’ व ‘मुगलिया’ सियासत के चक्रब्यूह में फंसा पड़ा है। इससे ‘सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ जैसी उसकी उदात्त सोच भी कठघरे में खड़ी प्रतीत हो रही है। यहां की प्रतिभाशाली और प्रभुत्ववाली सामान्य जातियों (सवर्णों) के खिलाफ देश में जो लक्षित पूर्वाग्रही राजनीति कथित दलित-ओबीसी नेताओं के द्वारा की जा रही है, उससे देश व समाज के सामने विभिन्न नैतिक व वैधानिक सवाल उठ खड़े हुए हैं! हैरत की बात है कि सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की जगह बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के नारे लगाए जाते हैं। कहीं जाति, कहीं धर्म और कहीं भाषा-क्षेत्र के नाम पर लोगों के उत्पीड़न हो रहे हैं। वहीं कहीं सामाजिक न्याय आधारित आरक्षण और साम्प्रदायिक सोच आधारित अल्पसंख्यकवाद के अव्यवहारिक पहलुओं को हवा देकर आमलोगों को उल्लू बनाया जा रहा है। आलम यह है…
विगत कुछ माह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमुदाय को सरकार के निर्णयों से अवगत कराने के लिए पाती लिखने का अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। इस बार बजट के बाद लिखी अपनी पाती में उन्होंने उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की विशेषताओ पर प्रकाश डाला है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह बजट युवाओं व नारी शक्ति के लिए एक ऐतिहासिक बजट है। उत्तर प्रदेश का यह बजट नवाचार का बजट है। नवनिर्माण के 9 वर्षों की यह यात्रा प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमत्री योगी पूर्व में भी कह चुके हैं कि विगत नौ वर्षों में यूपी असीमित क्षमताओं वाला प्रदेश बन चुका है।इस बजट में युवाओं को रोजगार उपलबध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। उभरती हुई नयी तकनीकीकी कई बड़ी घोषणाएं…
पर्सनल लोन क्या होता है?पर्सनल लोन एक बिना गारंटी (नो कोलेटरल) ऋण होता है जिसे आप अपनी व्यक्तिगत जरूरतों जैसे मेडिकल खर्च, शादी, यात्रा, शिक्षा, आदि के लिए ले सकते हैं। यह आम तौर पर बैंक या NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के माध्यम से मिलता है। पर्सनल लोन में आय, नौकरी की स्थिरता, CIBIL स्कोर, मौजूदा EMI बोझ जैसे कई फैक्टर ध्यान में रखे जाते हैं।क्या कम सैलरी पर भी पर्सनल लोन मिलता है?हाँ, कम सैलरी पर भी पर्सनल लोन मिल सकता है, लेकिन इसकी मंज़ूरी और लोन राशि आपके इनकम, क्रेडिट हिस्ट्री और वित्तीय प्रोफ़ाइल पर निर्भर करती है। पारंपरिक बैंक अक्सर कुछ न्यूनतम सैलरी लिमिट रखते हैं, जैसे ₹25,000–₹30,000 प्रति माह, लेकिन कई NBFCs और कुछ बैंक ₹15,000–₹20,000 या उससे भी कम सैलेरी वालों को भी लोन देने लगे हैं। इनकम के अलावा, क्रेडिट स्कोर (CIBIL), नौकरी की स्थिरता और मौजूदा कर्ज/EMI बोझ भी मंज़ूरी को प्रभावित करते…
देश में संसद की गरिमा में गिरावट जारी है। लोकसभा स्पीकर जैसा गरिमामय और संवैधानिक पद विवादास्पद बना हुआ है। लगभग समूचा विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ बांहे चढ़ाए हुए है। बिरला पर विपक्ष लंबे समय से पक्षपात करने का आरोप लगाता आ रहा है। स्पीकर बिरला पर विपक्षी सदस्य लगातार उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन और सत्तापक्ष की खुलेआम पैरवी करने का आरोप लगाते रहे हैं। इस बार भी मुद्दा यही है। विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है। हालांकि, गणित और इतिहास को देखें तो उन्हें हटाना बेहद मुश्किल है, लेकिन यह कदम आने वाले दिनों में संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को और बढ़ा सकता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सदन में भाषण होना था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया उनके…
कोरियन लवर गेम के चलते गाजियाबाद की तीन बहनों की खुदकुशी ने आज के हालात और बच्चों की बदलती मानसिकता को लेकर झकझोर कर रख दिया है। अभी तीन बहनों की चिता की आग ठंड़ी भी नहीं हुई कि ऑनलाइन गेम के चलते मेरठ का 22 वर्षीय युवक मोहम्मद कैफ हेडफोन लगाकार गेम खेलते खेलते ही बेहोश होकर गिर गया और ब्रेन हेमरेज होने से मौत के आगोश में समा गया। इसे इंटरनेट गेमिंग डिसआर्डर के रुप में देखा व समझा जा सकता है। इस तरह की घटनाएं देश दुनिया में आये दिन हो रही है और इनमें से कुछ ही घटनाएं हमारे सामने आ पाती है। ऑनलाइन गेम की गिरफ्त में हमारे देश के ही बच्चे या युवा आ रहे हो ऐसा है नहीं अपितु दुनिया के अधिकांश देश इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को हत्या के रुप में ही देखा जाना…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16