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मॉरीशस में पानी की कमी और जीवनयापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान एक महिला को पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारे जाने के बाद भड़की अशांति के मद्देनजर कर्फ्यू दो और रातों के लिए बढ़ा…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने संरक्षित स्मारक रौशनआरा के मकबरे के प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर हो रहे अवैध निर्माण की अनदेखी करने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई…
केरलम के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में कहा कि राज्य केंद्र की पीएम-श्री योजना से एकतरफा तरीके से बाहर नहीं हो सकता, क्योंकि पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन…
राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका के मोहन गार्डन इलाके में एक सरकारी स्कूल के बाहर 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘रोशनआरा के मकबरे’ के प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में नाकाम रहने…
विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को अभिनेता और अमेरिकी नागरिक इमरान खान को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ…
दीवाली और अन्य त्योहारों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए, बॉम्बे हाई…
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने 2021 की उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में दो…
(तस्वीरों के साथ) श्रीनगर/जम्मू, 15 अक्टूबर जम्मू-कश्मीर के विभिन्न मैदानी इलाकों में बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई, जबकि कश्मीर घाटी…
छत्तीसगढ़ के धमतरी और कोंडागांव जिलों की सीमा पर स्थित दो गांवों में एक तेंदुए ने कई ग्रामीणों पर हमला…
(फोटो के साथ) देहरादून, 15 अक्टूबर चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी खुलासे की सीबीआई जांच के बीच भाजपा…
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा आयोजकों से ‘सनातन’ परंपराओं का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने…
खाद्य सुरक्षा के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, अहमदाबाद खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने गुरुवार को पिराना…
(अपर्णा बोस) नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर अक्टूबर तक भले ही भीषण गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया…
गुजरात के राजकोट शहर में कीमती धातुओं की रिफाइनरी के एक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या करने और करीब 1.53…
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उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का चुनाव अभी कुछ समय दूर है, लेकिन शह-मात का खेल अभी से गरमाने लगा है। समाजवादी पार्टी के दरवाजे…
मैनचेस्टर सिटी के घरेलू मैदान एतिहाद स्टेडियम पर बुधवार की रात पेरिस सेंट-जर्मेन ने शानदार खेल दिखाते…
रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर को इस सीजन के पहले एल क्लासिको मुकाबले से बाहर…
उप-कप्तान शेफाली वर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अगले साल की शुरुआत में…
भारतीय क्रिकेट टीम ने इस साल T20 विश्व कप का किताब एक बार फिर से अपने नाम…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले…
भारतीय हॉकी खिलाड़ी अभिषेक नैन ने कहा कि जापान में 2026 एशियाई खेलों में पुरुष और महिला…
कार्तिक आर्यन एक बार फिर प्यार और दर्द से भरी कहानी लेकर बड़े पर्दे पर आने वाले हैं। इस बार वह पहली बार श्रीलीला के साथ जोड़ी बनाते नजर आएंगे। लंबे समय से चर्चा में चल रही इस फिल्म की रिलीज डेट आखिरकार सामने आ गई है। हालांकि, फिल्म के नाम को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।30 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी फिल्मअनुराग बासु के निर्देशन में बन रही कार्तिक आर्यन और श्रीलीला की यह रोमांटिक फिल्म इस साल रिलीज नहीं होगी। फिल्म 30 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इस फिल्म को पिछले करीब एक साल से ‘आशिकी 3’ के नाम से जोड़ा जा रहा है, लेकिन अभी तक मेकर्स ने इसका आधिकारिक नाम सामने नहीं रखा है। इसी महीने प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू की फिल्म ‘वाराणसी’ भी रिलीज होने वाली है। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में आएगी।इसे भी पढ़ें: Karisma Kapoor…
फॉक्सवैगन ग्रुप भारत में दो नई इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ (EVs) लाकर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। ये गाड़ियाँ JSW ग्रुप के…
कार चलाते समय अच्छी विजिबिलिटी यानी सड़क का साफ दिखाई देना बेहद जरूरी है। खासकर बारिश, सर्दियों की धुंध और…
मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल आज कॉलिंग, बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और सोशल मीडिया जैसे कई जरूरी कामों के लिए किया…
सर्दियों में सुबह के समय धुंध और कोहरा इतना ज्यादा होता है कि कई बार समझ ही नहीं आता कि…
Kolkata: Truevis Technologies said it has been allotted 50 acres of land in Haldia by the West Bengal Government for…
मौसम बदलने पर घुटनों, कंधों या कमर में दर्द और अकड़न बढ़ना आम बात है। कई लोगों को ठंड बढ़ने…
New Delhi: More than nine lakh people in Delhi have registered under Ayushman Bharat, with Rs 118 crore paid against…
आज के समय में लोग अपनी गट हेल्थ यानी की पेट और पाचन की सेहत को लेकर काफी ज्यादा जागरुक…
New Delhi: The cabinet secretariat asked the Union health ministry to take action on concerns over the safety and quality…
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन…
Hindi NewsCareerJantar Mantar Chalo Game | Delhi Protest Satirical 3D Video Game News10 मिनट पहलेकॉपी लिंकदिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शनों (Jantar Mantar 2.0) पर एक 27 वर्षीय IIT प्रोफेशनल सूरज कुशवाहा ने एक वीडियो गेम बनाया गया है, जिसका नाम ‘जंतर मंतर चलो’ है।ये एक 3D गेम (Satirical Game) है, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतियों को एक गेमिंग मोड में ढाला गया है।इसमें आप गेम शुरू करने के लिए दिल्ली पुलिस या प्रोटेस्टर बनकर शामिल हो सकते हैं। जैसे ही आप गेम शुरू करते हैं आपको दिल्ली का जंतर-मंतर…
बैंक कर्मचारी संगठनों ने आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए इसे वापस…
अब मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। भारत में 1…
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें यस बैंक के प्रशासक द्वारा…
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके ‘बड़े मुद्दों’…
देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही…
भारतीय लोकतंत्र का सबसे मजबूत खंभा उसकी निष्पक्ष चुनाव प्रणाली रही है। वैश्विक पटल पर जब भी भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता की मिसाल दी जाती है, तो निर्वाचन सदन यानी भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका को अग्रिम पंक्ति में रखा जाता है। किंतु, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर वर्तमान में जो अभूतपूर्व राजनीतिक और संवैधानिक गतिरोध पैदा हुआ है, उसने इस प्रतिष्ठित संस्था की निष्पक्षता को इतिहास के सबसे गंभीर दोराहे पर ला खड़ा किया है। देश की राजनीति इस समय इस सवाल को लेकर सुलग रही है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना कांग्रेस और समूचे विपक्ष की एक सैद्धांतिक लड़ाई है, या फिर यह उनकी सोची-समझी राजनीतिक विवशता और नैरेटिव सेट करने की मजबूरी का हिस्सा है? केरल विधानसभा द्वारा देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव पारित करना और कांग्रेस द्वारा सड़कों से लेकर सुप्रीम…
उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 6 फीसदी सालाना रखी गई है। योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा रहा है।6 लाख रुपये के लोन के लिए पात्रतायोजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। बैंक की ओर से पात्रता और ऋण स्वीकृति की जांच की जाएगी।- आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए।- कृषि योग्य भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे।- लोन का इस्तेमाल कृषि या कृषि आधारित गतिविधियों के लिए होना चाहिए।- बैंक की ओर से दस्तावेज, भूमि और ऋण चुकाने की क्षमता की जांच की जाएगी।केवल आवेदन करने…
भारतीय राजनीति का यह एक सर्वमान्य और समय-सिद्ध सिद्धांत है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर ही गुजरता है। उत्तर प्रदेश न केवल देश का सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि यह वह राजनैतिक कुरुक्षेत्र भी है जहां राष्ट्रीय स्तर के बड़े-बड़े सियासी सूरमाओं का भाग्य तय होता है। वर्ष 2026 के इस उत्तरार्ध में कदम रखते ही प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं और संपूर्ण राज्य एक बार फिर एक बड़े लोकतांत्रिक उत्सव और उसकी जटिलताओं के मुहाने पर खड़ा है। किसी भी चुनाव प्रक्रिया का सबसे पहला, महत्वपूर्ण और प्रशासनिक रूप से संवेदनशील पड़ाव नामांकन होता है, जो केवल एक कानूनी या प्रशासनिक औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि यह किसी भी राजनैतिक दल की सांगठनिक शक्ति, आंतरिक अनुशासन और जमीनी रणनीति का लिटमस टेस्ट है। इस प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियां न केवल चुनाव आयोग और प्रशासन के…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने, छात्रों की गिरफ्तारी और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लेकर छिड़ा विवाद अब महज कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है। इसके मंच पर देश की सियासत का एक नया नाटक भी आकार लेने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की गिरफ्तारी पर जिस अंदाज में आवाज बुलंद की है, उससे साफ है कि विपक्ष अब इस आंदोलन को अपने बड़े राजनीतिक अभियान से जोड़ने की कोशिश में है। सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी को अचानक CJP के आंदोलन में लोकतंत्र की नई उम्मीद दिखाई देने लगी है, या फिर इसके पीछे चुनाव आयोग, मतदाता सूची और भाजपा के खिलाफ विपक्षी मोर्चे को मजबूत करने की रणनीति काम कर रही है?हम आपको बता दें कि राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं…
लोकतंत्र की जीवंतता केवल इस बात से तय नहीं होती कि संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कितनी सार्थक बहस होती है, बल्कि इसकी असली कसौटी यह है कि संसद के बाहर सड़कों पर आम नागरिक की आवाज को कितनी गंभीरता और सहजता से सुना जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली के हृदय स्थल में स्थित जंतर मंतर पिछले 33 वर्षों से इसी लोकतांत्रिक चेतना, जन आक्रोश और नागरिक उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। किंतु अब केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्थायी आदेश में संशोधन करते हुए अब राजधानी में धरना और प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को एक घंटे तक संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा। इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक हर हालत में विकसित देश बनाना है। निश्चित तौर पर भारत को विकसित देश बनना ही चाहिए। सवाल यह है कि क्या तब तक भारत के करोड़ों लोग प्यासे रहेंगे। उन्हें पर्याप्त और शुद्ध पानी के लिए क्या भारत के विकसित होने तक इंतजार करना पड़ेगा। क्या देश के लोगों की प्यास और दूषित पेयजल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को तब तक के लिए रोका जा सकता है।विकसित भारत का सपना देखने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन इससे पहले केंद्र और राज्यों की सरकारों का यह खुलासा करना चाहिए कि देश के लोगों को गुणवत्तायुक्त पर्याप्त पीने का पानी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढ़ाई दशक की अनवरत राजनीतिक नेतृत्व यात्रा के दौरान लिए गए एक से एक चौंकाने वाले फैसलों ने मोदी को मोदी बनाया है। आज मोदी विश्व के सर्वाधिक भरोसेमंद नेताओं में से एक है। सामने वाले को भी यह भय सताये रहता है कि पता नहीं मोदी क्या स्टेंड लेकर क्या का क्या कर ड़ालेंगे। यही कारण है कि चाहे डोनाल्ड ट्रम्प हो, पुतिन हो या फिर शी जिंनपिंग हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हल्के में नहीं ले पाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के आगे भारत नहीं झुका है तो रुस से कच्चे तेल का आयात जारी है। मालदीव का उदाहरण सामने है जब नरेन्द्र मोदी ने भारत के द्वीप पर केवल कुर्सी लगाकर बैठकर ही मालदीव का हिला कर रख दिया। देश में भी गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में करीब 13 साल और देश के प्रधानमंत्री के रुप…
स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा, तो एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर हमला करने का नया तरीका खोज लिया है। पहले अंबानी को भारत का ‘असली बॉस’ बताया और अब उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर तंज कस दिया। लेकिन मस्क साहब, जरा ठहरिए! यह सिर्फ मुकेश अंबानी पर कटाक्ष नहीं है, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री पद को भी एक कारोबारी विवाद में घसीटने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का पद किसी उद्योगपति की जागीर नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का प्रतीक है। ऐसे में अपनी कंपनी के हितों के लिए इस पद पर तंज कसना आखिर किस तरह की कारोबारी शालीनता है? सवाल यह भी है कि भारत में अपनी शर्तें मनवाने के लिए मस्क इतने उतावले क्यों हैं कि उन्हें अब देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा का भी ख्याल नहीं रहा?हम आपको बता दें कि एलन मस्क का…
भारतीय चुनावी राजनीति में इन दिनों EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस फिर तेज है। विपक्षी दलों का एक वर्ग लगातार मांग कर रहा है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह पुराने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। हाल में INDIA ब्लॉक ने भी बैलेट पेपर की वापसी की मांग दोहराई है और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज किया है। लेकिन इस बहस के बीच एक असहज सवाल विपक्ष से भी पूछा जाना चाहिए कि अगर बैलेट पेपर ही चुनावी निष्पक्षता की गारंटी है, तो हाल में बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों की व्याख्या विपक्ष किस तरह करेगा?हम आपको बता दें कि असम के सिलचर में 3 अक्टूबर को नगर निगम के पहले चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ। परिणाम में भाजपा ने 42 में से 32 सीटें जीतीं और उसकी सहयोगी असम गण परिषद ने दो सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को केवल…
पहाड़ की राजनीति में वैसे तो मौसम कब करवट ले ले, कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस बार कांग्रेस के भीतर का मौसम कुछ ज्यादा ही बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा लगातार संगठन को चुनावी मोड में ले जा रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस अपने ही घर की उठापटक से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही है। इस पूरी कहानी के केंद्र में एक बार फिर वही पुराने चेहरे हरीश रावत हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार सवाल यह है कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद भी कांग्रेस आखिर बार-बार उन्हीं पर दांव क्यों लगाये? और क्या अब भी उनके पास उत्तराखंड की राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित करने की उतनी ही ताकत बची है?हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर साफ संदेश दिया है कि चुनावी राज्य में किसी एक नेता का…
Supporting Student Journalist.
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