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बांग्लादेश की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। आम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार मंगलवार को शपथ लेने जा रही है।…
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी एपस्टीन फाइल्स पर चर्चा नहीं करना चाहती और उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और भारत के अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों पर…
भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन की जिसने पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी…
कर्जत-जामखेड से विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने शनिवार को कहा कि उन्होंने…
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में उस समय बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के ढांचे को लेकर केंद्र सरकार पर…
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर के बागेश्वर धाम में एक भव्य धार्मिक और सामाजिक उत्सव की…
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्रिमंडल मंत्री और कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा देने वाले नेता नसीमउद्दीन सिद्दीकी रविवार को…
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता की तुलना गैस चैंबर से की…
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पाकिस्तान के खिलाफ भारत…
डिब्रूगढ़ से कोलकाता जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी, क्योंकि विमान के शौचालय में लिपस्टिक…
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वित्त पोषित कामाख्या कॉरिडोर…
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले रोमांचक मुकाबले…
आज रविवार, 15 फरवरी की सुबह भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर…
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वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
बैंकॉक में खेले जा रहे महिला राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भारत ए ने शानदार वापसी करते…
दो पड़ोसी मुल्क यानी कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला क्रिकेट मैच हमेशा की तरह…
स्पेनिश फुटबॉल में इन दिनों रेफरिंग को लेकर बहस तेज हो गई है और इसी बीच एफसी…
FIDE Chess Final: पुरानी प्रतिद्वंद्विता होगी ताज़ा, खिताब के लिए भिड़ेंगे Magnus Carlsen और Caruana
जर्मनी में जारी 2026 फिडे फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।…
कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप मुकाबले की शुरुआत रोमांचक अंदाज में हुई।…
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पाकिस्तान…
शानदार कैरेक्टर पोस्टर्स के जरिए उत्सुकता बढ़ाने के बाद, फिल्म ‘नागबंधम’ के मेकर्स ने आखिरकार महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इसका बहुप्रतीक्षित टीजर रिलीज कर दिया है। सुपरस्टार महेश बाबू ने सोशल मीडिया पर इस मेगा-बजट पीरियड ड्रामा की पहली झलक पेश की, जिसे देखते ही फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।महेश बाबू का खास ‘शाउटआउट’रविवार को महेश बाबू ने अभिषेक नामा के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का टीजर X पर शेयर किया। टीम का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने लिखा, ‘#WorldOfNagabandham पूरी तरह से बहुत ही दिलचस्प लग रहा है… इस भव्य अनुभव को जल्द ही पर्दे पर देखने का इंतजार है।’ The #WorldOfNagabandham looks absolutely fascinating all the way…. Looking forward to experiencing it soon.. 🤗🤗🤗https://t.co/slsS18887c#Nagabandham #AbhishekNama@ViratKarrna @NabhaNatesh @Ishmenon #KishoreAnnapureddy @Nishithareddy85 @nikstudiosindia @AbhishekPicture— Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) February 15, 2026 इसे भी पढ़ें: Vijay Varma का Valentine’s Day पोस्ट प्रैंक था या ‘Soft Launch’? मिस्ट्री गर्ल की…
क्या आप जानते हैं कि आपका फोन भी बीमार हो सकता है, कभी सोचा है? यदि आपको फोन की जरुरत…
आज के स्मार्टफोन में USB Type-C पोर्ट लगभग स्टैंडर्ड बन चुका है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ चार्जिंग या कभी-कभार डेटा…
हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। यह दिन प्रेम, स्नेह और आपसी सम्मान को व्यक्त करने…
New Delhi: For thousands of families across India, the words “cancer-free” mark relief and new beginnings. But what happens after…
ऑफिस से लेकर बाहर जाने के लिए हम सभी आईलाइनर-मस्करा जरुर लगा सकते हैं। हम सभी महिलाएं आईलाइनर और मस्कारा…
ज्यादातर लोगों का यहीं सवाल होता है कि मिसकैरेज के बाद कितने दिनों तक सेक्शुअल रिलेशन से बचना जरुरी चाहिए।…
पीरियड्स का दौर किसी भी महिला के लिए काफी परेशानीभरा होता है। इस दौरान सिर्फ ब्लीडिंग ही नहीं होती, बल्कि…
काली मिर्च खाने के स्वाद को पूरी तरह बदल सकती है, फिर चाहे सूप हो, सब्जी हो, या काढ़ा, इससे…
Chennai: Tamil Nadu government on Friday allayed fears of bird flu in the state and appealed to the people to…
घुमक्कड़ लोग घूमने के लिए प्लान बनाते रहते हैं। अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे…
सरकारी नौकरी के सपने देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी। पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह खबर बेहद काम की है। दरअसल, गोवा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (GSSC) ने गोवा पुलिस रिक्रूटमेंट 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के दौरान पुलिस रिक्रूटमेंट में ग्रुप सी पदों पर 700 पोस्ट को भरा जाएगा। इनमें 500 से अधिक सिपाही के पद भी शामिल है। जो लोग सरकारी नौकरी की तलाश में वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट gssc.goa.gov.in पर जाकर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।आपको बता दें कि, गोवा कर्मचारी चयन आयोग (गोवा SSC) ने…
नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी के बीच आयोजित होने जा रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026…
निजी विमानन कंपनी अकासा एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने शनिवार को कहा कि एयरलाइन का ध्यान…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत एवं अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता…
इंडिगो पर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित 1.27 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। एयरलाइन ने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के वैश्विक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान देने का उल्लेख करते हुए…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
Supporting Student Journalist.
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