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भारत–अमेरिका के हालिया ट्रेड डील की बारीकियां धीरे-धीरे सामने आती दिख रही हैं। व्हाइट हाउस की ओर से मंगलवार को जारी फैक्टशीट में कहा गया है कि भारत ने डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने और डिजिटल व्यापार…
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम के नवनिर्वाचित भाजपा मेयर, उप महापौर और पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री के विशेष निमंत्रण पर आज दोपहर दिल्ली पहुँचा, जहाँ रेलवे स्टेशन से लेकर भाजपा मुख्यालय तक उनका उत्साहपूर्ण स्वागत…
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर निचले सदन में की गई टिप्पणियों को लेकर तीखी आलोचना की और उन पर निर्यात और…
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में कथित रूप से कही गयी…
वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल लड़ाकू…
जन उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने बुधवार को मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में बनने वाली नई मस्जिद के…
पंजाब के मोहाली में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के 16 प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को बम…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार का 10वां बजट प्रस्तुत करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल…
नई दिल्ली / लॉज़ेन। भारतीय मुक्केबाज़ी जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF)…
बुधवार को लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते…
लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को सवाल उठाया कि उद्योगपति अनिल अंबानी…
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार को अपने चाचा अजित पवार के विमान हादसे से…
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने…
भाजपा पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहली बार…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को कांग्रेस और अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए,…
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ईरान पर युद्ध के मंडराते बादल अब और घने होते जा रहे हैं क्योंकि ओमान में बातचीत के लिए आये ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों ने सीधे…
दिल्ली में इन दिनों क्रिकेट का बड़ा आयोजन चल रहा है, लेकिन हर मैच के साथ उत्साह…
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल 2026 के लिए वैकल्पिक होम वेन्यू की तलाश में जुटी हुई है, हालांकि…
नॉर्वे के स्टार बायथलीट स्टुर्ला होम लाग्रेड के लिए यह दिन खेल से कहीं आगे निकल गया…
वेस्ट हैम के खिलाफ मंगलवार रात खेले गए मैच में बेंजामिन शेस्को के स्टॉपेज टाइम गोल ने…
Team India को बड़ी राहत, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुए Abhishek Sharma, तिलक वर्मा ने दिया Health Update
भारत टी20 विश्व कप के अपने दूसरे मैच में नामीबिया का सामना करने के लिए नई दिल्ली…
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड पर शानदार जीत दर्ज की और…
एक्टर और स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया शो नहीं, बल्कि देश की संसद (लोकसभा) है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान वीर दास के प्रसिद्ध और विवादित मोनोलॉग ‘दो भारत’ का जिक्र किया, जिससे वीर दास खुद भी हैरान रह गए।अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?मंगलवार को सदन को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने वीर दास के 2021 के भाषण को एक ‘भविष्यवाणी’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘नवंबर 2021 में, केनेडी सेंटर के स्टेज पर वीर दास ने ‘दो भारत’ की बात की थी। कई लोग हंसे और कुछ नाराज हुए। लेकिन उन्होंने जो कहा वह कॉमेडी नहीं, बल्कि एक चेतावनी थी। वह एक ऐसे देश के सामने आईना था जो अपनी ही उलझनों के किनारे खड़ा है।’वीर दास का रिएक्शनवीर दास ने इस स्पीच पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए अपनी…
कुछ लोग हेडफोन के एक साइड की आवाज बंद होने पर उस कबाड़ की तरह पटक देते हैं। हालांकि, टेक्निकल…
भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI दुनिया के बड़े टेक नामों को मात देता दिख रहा है। Vision और Bulbul नाम के…
दरअसल, ऐपल अपने अगले Airpods यानी कि AirPods Pro 4 के साथ कुछ ऐसा दमदार फीचर लेकर आ रहा है,…
Mumbai: The health insurance industry is at its soundest in the five years since the pandemic, with the industry-wide incurred…
New Delhi: More than 6.83 crore individuals in tribal-dominated areas across the country have been screened for sickle cell anaemia…
आजकल खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण स्किन संबंधित समस्याएं बढ़ती ही जा रही है। जॉलाइन पर छोटे-छोटे दाने…
प्रेग्नेंसी के दौरान मिसकैरेज होने से इसका असर महिलाओं के पूरे शरीर पर पड़ता है। अक्सर इन बदलावों का सिलसिला…
Mumbai: The Cancer Genome Atlas (TCGA) didn’t just expand cancer research it has rewrote the rulebook. It proved that tumours…
फूड पॉइजनिंग एक ऐसी स्थिति है, जो बासी, बैक्टीरिया युक्त या दूषित खाना खाने से होती है। लेकिन अक्सर फूड…
वैलेंटाइन वीक की शुरूआत हो चुकी है। यह वीक सिर्फ प्रपोज करने, गुलाब, चॉकलेट या टेडी देने तक…
25 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी NTPC में 515 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आज से शुरू होने की। SEBI ने यंग प्रोफेशनल्स के 91 पदों पर निकाली भर्ती की। साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में 108 पदों पर भर्ती की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.…1. NTPC में 515 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आज से शुरूनेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC) में 515 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फुल टाइम…
आमतौर पर बड़े व्यापार समझौतों के बाद जारी दस्तावेज़ अंतिम माने जाते हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के…
सरकार ने मंगलवार को एक संसदीय समिति को बताया कि भारत उन देशों से कच्चे तेल खरीदना जारी रखेगा, जहां…
दिल्ली के लग्ज़री होटलों के कमरे आमतौर पर कुछ हज़ार या ज़्यादा से ज़्यादा एक लाख रुपये तक ही जाते…
सरकार ने मंगलवार को डीपफेक सहित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार और बनावटी सामग्री के प्रबंधन को लेकर ऑनलाइन मंचों…
स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 208 अंक चढ़ गया,…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां सत्ता, संघर्ष, कानून और जनभावना-चारों धाराएं एक-दूसरे से टकराती हुई दिखाई देती हैं। यह टकराव केवल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह उस शासन शैली, लोकतांत्रिक मर्यादा और विकास दृष्टि की भी परीक्षा है, जिसके आधार पर बंगाल अपनी आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेगा। लंबे समय तक “खेला होगा” के नारे के सहारे भाजपा को रोकने में सफल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अधिक जटिल, चुनौतीपूर्ण और बहुआयामी नजर आ रही हैं। आज समूचे देश की नजरे पश्चिम बंगाल पर टिकी है। वहां आगामी विधानसभा काफी रोमांचक एवं निर्णायक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का नया भविष्य बुनने की दिशाएं उद्घाटित होगी। एक ओर केंद्र और राज्य के बीच टकराव अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, अदालती…
Supporting Student Journalist.
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