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वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका और ताइवान के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने पारस्परिक व्यापार समझौते के अंतिम दस्तावेज पर हस्ताक्षर…
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर जमकर हमला बोलते हुए उन्हें राज्य का “सबसे असफल मुख्यमंत्री और गृह मंत्री” बताया। बिस्वनाथ में एक विरोध प्रदर्शन…
सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के मणिपुर जातीय हिंसा मामलों से संबंधित 11 एफआईआर की जांच कर रही है, दो सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की…
शुक्रवार को तमिलनाडु के सलेम में तमिलगा वेट्री कज़गम के प्रमुख विजय की रैली के दौरान महाराष्ट्र के 37 वर्षीय…
हिमाचल प्रदेश सरकार को महत्वपूर्ण राहत देते हुए, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव…
मुख्तार अंसारी के कुख्यात शूटर शोएब उर्फ बॉबी की उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावरों…
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क 1ए कार्यक्रम की प्रगति के बारे में…
अपनी चुनावी सभा में मात्र 4,998 लोगों के शामिल होने की अनुमति मिलने के बाद, तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महिलाओं, युवाओं और कमजोर नागरिकों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। यह उनके…
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों को लेकर चल रहे विवाद के बीच रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह…
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के संस्मरण से जुड़े विवाद को लेकर कई दिनों तक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया, जो एक नई इमारत है जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय…
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि 4 फरवरी को राष्ट्रपति के…
बदलते युद्धक्षेत्र, चालाक पड़ोसी और टेक्नोलॉजी से लैस दुश्मन, इन सबके बीच अब पुराने ढर्रे की सोच से काम नहीं…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान रक्षा खरीद परिषद ने कई बड़े फैसले लेकर यह…
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वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
मिलानो कॉर्तिना शीतकालीन ओलंपिक में गुरुवार का दिन खेल से ज्यादा भावनाओं और विवादों के नाम रहा।…
आर्सेनल को ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ ड्रॉ से संतोष करना पड़ा और मुकाबले के बाद चर्चाएं खिलाड़ियों के…
इस बार विंटर ओलंपिक में फिगर स्केटिंग को लेकर जो चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, वह…
कश्मीरी युवतियाँ अब फुटबॉल के मैदान पर अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं। जुनून, मेहनत…
मोहम्मद आमिर ने रविवार को होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच में अभिषेक शर्मा…
भारत के स्टार पिस्टल निशानेबाज अमनप्रीत सिंह ने अपने कैरियर का सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई…
जब शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज ने एक बार फिर साथ आने की घोषणा की थी, तो सिनेमा प्रेमियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। और हो भी क्यों न? इस जोड़ी ने हमें ‘हैदर’ और ‘कमीने’ जैसी यादगार फ़िल्में दी हैं। ‘ओ रोमियो’ (O Romeo) से उम्मीदें आसमान पर थीं, और फ़िल्म शुरुआत में उन उम्मीदों पर खरी भी उतरती है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी की रफ्तार अचानक सुस्त पड़ जाती है। आप जानते हैं, विशाल भारद्वाज की फ़िल्मों के साथ एक खास मूड आता है। यह टिकता है। यह खुद को समझाने में जल्दबाजी नहीं करती। और ओ रोमियो में, वह मूड प्यार, हिंसा और उसके नीचे छिपी किसी नरम चीज़ के इर्द-गिर्द खुद को लपेटने की कोशिश करता है। हालाँकि, फ़िल्म के दूसरे हाफ़ में यह नाजुक मलमल का आवरण खुलने लगता है।कहानी: प्यार और बदले की खूनी दास्तान’ओ रोमियो’ हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ…
इन दिनों जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां नई तकनीकों को मुनाफे वाले मॉडल में बदलने की होड़ में हैं, उसी बीच…
टाटा मोटर्स 20 फरवरी, 2026 को भारत में पंच ईवी का फेसलिफ्टेड संस्करण लॉन्च करने जा रही है। यह इलेक्ट्रिक…
कुछ लोग हेडफोन के एक साइड की आवाज बंद होने पर उस कबाड़ की तरह पटक देते हैं। हालांकि, टेक्निकल…
स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर भी कहते हैं अत्यधिक पानी पीना अच्छा होता है। शरीर के लिए भी पर्याप्त पानी…
Mumbai: From decentralised screening at the ward level to subsidised robotic surgeries and new financial models, stakeholders across public health,…
स्वस्थ रहने के लिए शरीर तक सभी पोषक तत्वों का सही मात्रा में पहुंचना जरूरी है। लेकिन हम कुछ ही…
New Delhi: An ICMR study has found that the six-month all-oral treatment regimens for multidrug-resistant and rifampicin-resistant tuberculosis are cost-effective…
भागदौड़ भारी जिंदगी, गलत खान-पान और तनाव के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या बढ़ने लगी है। यह समस्या बेहद आम…
Kolkata: A nurse who had recovered from Nipah virus infection died of cardiac arrest at a private hospital in West…
अगर आप भी कम बजट में विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं, तो वियतनाम आपके लिए एक…
11 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी इंडियन आर्मी में अग्निवीर भर्ती 2025 के लिए आवेदन शुरू, पंचायती राज विभाग, बिहार में 203 पदों पर भर्ती की। साथ ही यूपीएससी IES, ISS एग्जाम के लिए आवेदन शुरू होने की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए….1. इंडियन आर्मी में अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आवेदन शुरूइंडियन आर्मी की ओर से अग्रिवीर भर्ती 2025 के लिए आज से आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।अग्निपथ स्कीम के तहत चयनित अग्निवीरों की सेवा अवधि…
शुक्रवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत तो सामान्य रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा बिकवाली का…
भारतीय रेलवे के उपक्रम भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश अप्रैल एवं मई, 2026 के लिए…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि व्यक्तिगत आयकर संग्रह बढ़ने का मतलब यह नहीं है…
जर्मनी स्थित कृषि कारोबार कंपनी ईडब्ल्यू ग्रुप अपनी नई बनी अनुषंगी कंपनी, लोहमैन लेयर्स इंडिया के जरिये अगले तीन साल…
नई दिल्ली से मिल रही संकेतों के बीच भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता ने एक अहम मोड़ ले लिया है। वाणिज्य सचिव…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
Supporting Student Journalist.
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