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मेघालय की एक स्थानीय अदालत द्वारा सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के फैसले ने इंदौर में रहने वाले मृतक राजा रघुवंशी के परिवार को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। मंगलवार को परिजनों…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के दौरान सबकी नजरें दक्षिण 24 परगना की सबसे चर्चित सीट डायमंड हार्बर पर टिकी रहीं। तृणमूल कांग्रेस के ‘नंबर 2’ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक…
नागपुर में भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया 1 मई से शुरू होने जा रही है। नागपुर नगर निगम ने इस अभियान को ‘जन कल्याण के लिए जनगणना’ थीम के साथ शुरू करने का फैसला…
गुजरात के गोधरा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सामाजिक सौहार्द और जनसमर्थन की एक अनोखी मिसाल बनकर…
गाजियाबाद के वैभव खंड (इंद्रापुरम) स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक…
पश्चिम बंगाल में छिटपुट हिंसा के बीच दूसरे एवं अंतिम चरण के मतदान में पूर्वाह्न 11 बजे तक 142 विधानसभा…
पश्चिम बंगाल में बुधवार, 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होने के साथ ही, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक…
कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में आतंकवाद…
गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई, जिसके बाद बड़े स्तर…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और निर्णायक चरण के दौरान बुधवार को राज्य का सियासी पारा उस समय…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दूसरे चरण का मतदान शुरू हो चुका है। 29 अप्रैल ये वही तारीख है…
पंजाब के पटियाला जिले में शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक को उड़ाने की एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो…
भारत की हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defence System) को जल्द ही एक बड़ी मजबूती मिलने वाली है। सुरक्षा सूत्रों के…
PM Modi Roadshow in Varanasi Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन, बुधवार को काशी…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य की 142…
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पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सवाल सीधा है कि क्या सत्ताविरोधी माहौल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने पक्ष…
आईपीएल 2026 धीरे-धीरे अपने आखिरी पड़ाव की तरफ बढ़ रहा है। अभी तक इस टू्र्नामेंट में 40…
वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में सनसनी बने हुए हैं। हर मुकाबले में वह विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते…
जबरदस्त फॉर्म में चल रही पंजाब किंग्स का विजय रथ राजस्थान रॉयल्स ने रोक ही दिया। रॉयल्स…
निरंतरता हासिल करने के लिए बेताब गुजरात टाइटंस को गुरुवार को यहां होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग…
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड यानी एसएलसी में बड़ा उलटफेर हो गया है। लंबे समय तक बोर्ड के चेयरमैन…
5 साल का इंतजार खत्म, अब Afghan Women United नाम से मैदान में उतरेगी अफगानिस्तान की महिला फुटबॉल टीम
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फ़ीफ़ा ने अफगानिस्तान की महिला शरणार्थी टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग…
बॉक्स ऑफिस पर ₹1,780 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर इतिहास रचने वाली जोड़ी—निर्देशक आदित्य धर और सुपरस्टार रणवीर सिंह—एक बार फिर साथ आने के लिए तैयार हैं। ‘धुरंधर’ सीरीज की अभूतपूर्व सफलता के बाद, खबरें हैं कि आदित्य धर ने अपने अगले महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। फिल्ममेकर आदित्य धर ने अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है और ‘धुरंधर’ के बाद वे एक बार फिर रणवीर सिंह के साथ काम कर सकते हैं। पिंकविला की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह फिल्म अभी शुरुआती दौर में है और इस फिल्म के मुख्य किरदार के लिए रणवीर सिंह सबसे आगे चल रहे हैं।इसे भी पढ़ें: जापान में चलेगा Ranveer Singh का जलवा! 1300 करोड़ कमाने वाली Dhurandhar अब जापानी सिनेमाघरों में मचाएगी धूमरिपोर्ट में बताया गया है कि धर इस अभी तक बिना नाम वाली फिल्म की…
हाल ही में OnePlus का एक और नया 5G फोन चीन में लॉन्च किया है। कंपनी ने इस मॉडल का…
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में इनोवेशन की दौड़ लगातार तेज होती जा रही है, और इसी कड़ी में Realme 16 5G ने…
आज के समय में गैस कनेक्शन से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं डिजिटल हो चुकी हैं। अगर आप PNG (पाइप्ड नेचुरल…
Hyderabad: Apollo Hospitals has expanded its healthcare footprint with the launch of a 400-bed next-generation smart hospital in Hyderabad, taking…
इस समय गर्मी बढ़ती है जा रही है। तापमान का पारा हाई होता जा रहा है। कई जगहों पर इस…
New Delhi: The sixth round of the National Family Health Survey is expected to be released next month, official sources…
New Delhi: US private equity firm KKR has pumped ₹1,750 crore in Baby Memorial Hospital by way of a rights…
New Delhi: The legal war between healthcare giant IHH Healthcare Berhad and Japanese pharmaceutical firm Daiichi Sankyo is nearing a…
New Delhi: A study has revealed three trajectories of cognitive decline in Alzheimer’s disease — stable or no change, slow…
रोजाना की भागदौड़ से परेशान होकर हम सभी चाहते हैं आराम के लिए किसी ट्रिप पर जरुर जाएं।…
भारत की धरती पर नशे के जहर का कारोबार कर खासतौर पर युवा पीढ़ी को बर्बादी की राह पर ले जाने को आतुर अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर मोदी सरकार का शिकंजा कस चुका है। वर्षों तक कानून को धता बताकर विदेशों में छिपे बैठे ड्रग माफिया अब सुरक्षित नहीं हैं। हम आपको बता दें कि एक बड़ा और निर्णायक वार करते हुए भारत ने कुख्यात तस्कर और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को तुर्की से वापस लाकर अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह कार्रवाई उस पूरे नेटवर्क के खिलाफ खुली जंग का ऐलान है जिसने देश…
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र के लिए खतरे…
आजकल निवेश से जुड़ी एक दिलचस्प लेकिन चिंताजनक ट्रेंड सामने आ रही है, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी सिस्टमैटिक…
कल की तेज बढ़त के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली। सुबह के…
देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी…
अनंत मुकेश अंबानी ने कोलंबिया से 80 दरियाई घोड़ों को मारने की योजना को स्थगित करने की अपील की है।…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
पश्चिम बंगाल चुनाव दिनों-दिन बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है। अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी हैरान, परेशानी और आक्रोशित दिखाई दे रही हैं। हाल ही में एक चुनावी सभा में उनका ये बयान – ‘रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे’ ; ख़ूब चर्चा में है। जहां कुछ सियासी पंडित इसे ममता बनर्जी के चुनाव में सरेंडर करने से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि- ये उनका शक्ति प्रदर्शन का अंदाज़ ए बयां है। लेकिन जिस तरह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वो किसी भी लिहाज़ से ममता बनर्जी के पक्ष में नहीं हैं। अपने चुनावी अभियान के बीच ममता बनर्जी उकसावे वाले बयान दे रही हैं।चुनाव कराने आए सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ लोगों को उकसा रही हैं। 25 मार्च 2026 को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में नंदप्रसाद गर्ल्स हाई स्कूल के मैदान में आयोजित एक जनसभा में उनका उकसावे वाला बयान सामने…
इंडिया गठबंधन की विपक्षी एकजुटता ने पुनः सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की नींद उड़ा दी है। ऐसा इसलिए कि लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाने से जुड़ा था, 16 अप्रैल 2026 को वोटिंग में गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि न्यूनतम दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) की आवश्यकता थी, जो सरकार के रणनीतिकारों ने नहीं जुटा पाए। शायद पहली बार सदन में अमित शाह की रणनीति पिट गई। इसका राजनीतिक प्रभाव यह रहा कि मोदी सरकार के लिए 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हार हुई है, जो विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे “संविधान पर हमला” बताकर कांग्रेस-विपक्ष की रणनीति की जीत घोषित की, जबकि भाजपा इसे विपक्ष विरोधी हथियार बनाने की योजना बना रही है। एक सत्ता विरोधी रणनीति के तहत जहां विपक्ष…
बिहार की राजनीति में सत्ता का शिखर छूना जितना कठिन है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है उस शिखर पर टिके रहकर अपनी सर्वमान्यता सिद्ध करना। सम्राट चौधरी का बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में उदय राज्य के सियासी इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात माना जा रहा है। यह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी का बिहार में उस ‘बड़े भाई’ की भूमिका को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना है, जिसका इंतजार पार्टी कार्यकर्ता दशकों से कर रहे थे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वह नीतीश कुमार की उस लंबी और गहरी छाया से बाहर निकल पाएंगे, जिसने पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति को परिभाषित किया है? यही वह कसौटी है, जिस पर अब सम्राट चौधरी को…
भारत की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में यदि किसी एक समस्या ने दशकों तक देश की प्रगति को बाधित किया और हजारों निर्दोषों का लहू बहाया, तो वह नक्सलवाद था। एक समय ऐसा भी था जब तत्कालीन सरकारों ने इसे देश के लिए ‘सबसे बड़ा खतरा’ स्वीकार किया था, लेकिन इसके समाधान के लिए वह ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई थी जो आज नजर आ रही है। आज जब हम 2026 के मुहाने पर खड़े हैं, तो भारत के नक्शे से ‘लाल गलियारे’ का सिकुड़ता दायरा और बस्तर के जंगलों में गूंजती शांति इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।अमित शाह ने गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही नक्सलवाद को केवल एक स्थानीय कानून-व्यवस्था की समस्या मानने के बजाय इसे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा चुनौती…
Supporting Student Journalist.
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